नमस्ते दोस्तों, आज हम बात करेंगे एक ऐसी चीज की जो लाखों युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर देती है – नशा।
नशे के मुख्य प्रकार (भारत में सबसे आम)
- गांजा/चारस (Cannabis)
- हेरोइन (Opium से बनता है)
- कोकेन
- स्मैक
- सिंथेटिक ड्रग्स (जैसे MDMA, LSD, Methamphetamine – “Ice”)
- कोरिज्मा (Cough syrups का गलत इस्तेमाल)
- निकोटीन (सिगरेट, गुटखा) और शराब (कई राज्यों में नियंत्रित)
सिर्फ एक बार ट्राई करने से क्या होता है?
वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, कई ड्रग्स पहली बार इस्तेमाल करने पर ही मस्तिष्क में डोपामाइन (खुशी का हार्मोन) को बहुत ज्यादा बढ़ा देते हैं। → इससे दिमाग को लगता है कि “ये बहुत अच्छा लग रहा है” → अगली बार और ज्यादा चाहिए → धीरे-धीरे लत (addiction) बन जाती है।

नशे के कुछ बड़े नुकसान
| प्रभाव | क्या होता है? |
|---|---|
| शारीरिक | दिल की बीमारी, लीवर खराब, फेफड़े खराब, वजन कम होना, इम्यूनिटी कमजोर |
| मानसिक | डिप्रेशन, एंग्जायटी, पैरानॉइया, याददाश्त कमजोर होना, सुसाइड के विचार |
| सामाजिक | परिवार से झगड़े, नौकरी/पढ़ाई छूटना, दोस्तों से दूरी, अपराध की ओर झुकाव |
| आर्थिक | पैसों का गलत इस्तेमाल, कर्ज, चोरी, परिवार की बर्बादी |
एक आंकड़ा जो सोचने पर मजबूर कर देगा
- भारत में हर साल लगभग 2.3 करोड़ लोग नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं (MoSJE, 2019 National Survey)
- उत्तर प्रदेश में ही लाखों युवा इसकी चपेट में हैं।
बचाव कैसे करें?
- “ना” कहना सीखें – peer pressure से बचें
- खुशी के healthy तरीके ढूंढें: खेलकूद, संगीत, दोस्तों के साथ समय, हॉबीज
- परिवार से बात करें – अपनी परेशानियां शेयर करें
- अगर लत लग चुकी है – मदद लें! शर्माएं नहीं
मदद चाहिए? तुरंत कॉल करें:
- 14446 (राष्ट्रीय ड्रग डी-एडिक्शन हेल्पलाइन – टोल-फ्री, 24×7)
- 1933 (NCB MANAS हेल्पलाइन)
नशा नहीं, जिंदगी चुनें! Say No to Drugs 💪
Disclaimer : यह लेख केवल जागरूकता और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। नशीले पदार्थों का कोई भी गैर-चिकित्सकीय इस्तेमाल NDPS Act, 1985 के तहत गैरकानूनी और खतरनाक है।